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संगीत शिक्षण
       संगीत सभी कलाओं में सर्वश्रेष्ठ माना गया है, क्योंकि यह ईश्वर प्रदत्त है, संगीत से मनुष्य के मन और आत्मा को शांति और एकाग्रता की प्राप्ति होती है, और यही मन की एकाग्रता एक विद्यार्थी के लिए अति आवष्यक और इसी कारण एक विद्यार्थी के लिए संगीत शिक्षण भी बहुत आवष्यक है। और इसी को ध्यान में रखते हुए हमारे विद्यालय  में संगीत की शिक्षा दी जाती है।
    हमारे विद्यालय में दिब्यांग बच्चों को शिक्षा दी जाती है, जिसमें से नेत्र बाधित, अस्थी बाधित, मांसिक मंद बच्चों को संगीत की शिक्षा दी जाती है, जिसमें हारमोनियम,तब्ला, ढ़ोलक, कान्गो, गिटार,वायलिन की बोर्ड के साथ-साथ गायन की शिक्षा दी जाती है, इन बच्चों से ही एक आरकेस्ट्रा ग्रुप तैयार किया गया है।, जिसमें बच्चें खुद बजाते और गाते है। इसमें बच्चें नया पुराना फिल्मी गीत, कव्वाली, भजन आदि प्रकार के गीतों को प्रोग्राम में प्रस्तुत करते है।
    इनमें से एक बच्चा अंजन प्रथम कक्षा में ही अपने मधुर गायन और वादन से हमारे देश के  प्रधानमंत्री  जी को मोहित कर दिये थे, और ये हमारी बहुत बड़ी उपब्धि है, इसके साथ-साथ हमारे बच्चें और कई जगहों पर अपनी प्रस्तुती दिये और प्रथम स्थान प्राप्त किये, अभी हमारे बच्चें नागपुर गये थे, अपने ग्रुप के साथ और वहां ‘‘ हमें दुष्मन के बच्चों को पढ़ाना है’’ इस गीत की प्रस्तुती बहुत अच्छे से दिये, इसके साथ-साथ हमारे बच्चें रंगीला बाल महोत्सव, विश्व विशेष दिवस, गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस पर अपना कार्यक्रम प्रस्तुत करते है, और इस बच्चों की शिक्षा अभी तक चल रही है।

संगीत शिक्षक
नाम- पवन कुमार कश्यप
सक्षम -02 आवासीय विद्यालय जावंगा।